प्रेग्नेंट कैसे होते हैं (Pregnant kaise hote hai): जानें सरल और प्रभावी उपाय
प्रेग्नेंसी की शुरुआत: क्या होता है गर्भधारण? गर्भधारण का मतलब होता है कि महिला के गर्भाशय में एक नया जीवन विकसित होना शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया तब शुरू होती है जब एक पुरुष का स्पर्म महिला के एग (अंडाणु) को फर्टिलाइज करता है। यह फर्टिलाइज्ड एग फिर गर्भाशय की दीवार पर स्थापित होता है और धीरे-धीरे भ्रूण का रूप लेता है। यह प्रक्रिया गर्भधारण की नींव रखती है और इसे ही प्रेग्नेंट होना कहते हैं। महिलाओं के शरीर में प्रजनन तंत्र का कार्य महिला के शरीर में प्रजनन तंत्र एक जटिल प्रणाली है, जिसमें अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय, और योनि शामिल होते हैं। अंडाशय में अंडाणु का निर्माण होता है, जो फिर फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से गर्भाशय में आता है। गर्भाशय वह स्थान है जहाँ भ्रूण विकसित होता है। मासिक धर्म चक्र के दौरान, अगर अंडाणु को स्पर्म द्वारा फर्टिलाइज नहीं किया जाता है, तो यह टूट जाता है और मासिक धर्म के रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन अगर फर्टिलाइजेशन होता है, तो महिला गर्भधारण करती है। मासिक धर्म चक्र और ओव्यूलेशन: कब होती है प्रेग्नेंसी की संभावना सबसे अधिक? महिला के मासिक धर्म ...